रसायन विज्ञान में विलयन का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि विलयन हमारी दैनिक जीवन की अनेक प्रक्रियाओं और उद्योगों से जुड़ा हुआ है। विलयन दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण होता है। जब हम विलयनों का विश्लेषण करते हैं तो वे मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं—आदर्श विलयन (Ideal Solution) और आनादर्श विलयन (Non-Ideal Solution)। इन दोनों के बीच के अंतर को समझना जा सकता है, क्योंकि यह रासायनिक तथा भौतिक गुणों के अध्ययन के आधार –
आदर्श विलयन (Ideal Solution)
आदर्श विलयन वह होता है, जिसमें विलायक (solvent) और विलेय (solute) के अणुओं के बीच पारस्परिक क्रियाएँ वैसी ही होती हैं जैसी समान प्रकार के अणुओं के बीच होती हैं। ऐसे विलयनों में आयतन परिवर्तन या ऊष्मा परिवर्तन नहीं होता है।
आदर्श विलयन विशेषताएँ:
- राउल्ट के नियम का पालन: आदर्श विलयन सांद्रता तथा तापमान पर पूर्णत: राउल्ट के नियम का पालन करता है।
- अणुओं के बीच आकर्षण: विलायक -विलायक , विलेय-विलेय और विलायक -विलेय के अणुओं के बीच आकर्षण बल एक समान होते हैं।
- ऊष्मा परिवर्तन नहीं: जब विलेय और विलायक को मिलाया जाता है तो कोई ऊष्मा अवशोषित या उत्सर्जित नहीं होती।
- आयतन परिवर्तन नहीं: विलयन बनने पर कुल आयतन साधारण योगफल के बराबर होता है।
- उदाहरण:
हेक्सेन और हेप्टेन का विलयन
बेंज़ीन और टोल्यून का विलयन
क्लोरोबेंजीन और ब्रोमोबेंजीन का विलयन
आनादर्श विलयन (Non-Ideal Solution)
आनादर्श विलयन वह होता है, जिसमें विलेय और विलायक के अणुओं के बीच पारस्परिक क्रियाएँ समान नहीं होतीं। ऐसे विलयनों में आयतन और ऊष्मा परिवर्तन देखा जाता है।
आनादर्श विलयन विशेषताएँ:
- राउल्ट के नियम से विचलन: आनादर्श विलयन राउल्ट के नियम से सकारात्मक या नकारात्मक विचलन प्रदर्शित करते हैं।
- अणुओं के बीच आकर्षण असमान: विलायक -विलेय के बीच बल विलायक -विलायक या विलेय-विलेय के आकर्षण बल से अधिक या कम हो सकते हैं।
- ऊष्मा परिवर्तन: विलयन बनने पर ऊष्मा अवशोषित (ΔH > 0) या उत्सर्जित (ΔH < 0) हो सकती है।
- आयतन परिवर्तन: विलयन बनने पर कुल आयतन, अवयवों के आयतन के साधारण योगफल से भिन्न होता है।
आनादर्श विलयन प्रकार:
सकारात्मक विचलन (Positive Deviation): जब विलायक -विलेय के बीच आकर्षण बल कमजोर होते हैं, तब वाष्प दाब अपेक्षित से अधिक होता है।
उदाहरण: एथेनॉल + एसीटोन
नकारात्मक विचलन (Negative Deviation): जब विलायक -विलेय के बीच आकर्षण बल अधिक होते हैं, तब वाष्प दाब अपेक्षित से कम होता है।
उदाहरण: क्लोरोफॉर्म + एसीटोन
आदर्श तथा आनादर्श विलयन मुख्य अंतर सारणी के रूप में
आधार | आदर्श विलयन | आनादर्श विलयन |
राउल्ट का नियम | पूर्ण रूप से पालन करता है | विचलन प्रदर्शित करता है |
अणुओं का आकर्षण | समान प्रकार के बल | बल असमान (अधिक या कम) |
ऊष्मा परिवर्तन | ΔH = 0 | ΔH ≠ 0 (अवशोषित या उत्सर्जित) |
आयतन परिवर्तन | ΔV = 0 | ΔV ≠ 0 |
उदाहरण | बेंज़ीन + टोल्यून | एथेनॉल + एसीटोन, क्लोरोफॉर्म + एसीटोन |