आमंत्रण और निमंत्रण में क्या अंतर है,जानें

आमंत्रण और निमंत्रण में क्या अंतर है,जानें

आमंत्रण का मतलब भी बुलावा होता है और निमंत्रण का मतलब भी बुलावा होता है तो दोनों अलग-अलग शब्द क्यों ? इसका अर्थ क्या है?आमंत्रण और निमंत्रण का मतलब भी बुलावा होता है। आमंत्रण और निमंत्रण का मतलब बुलावा भेजना होता है?आमंत्रण और निमंत्रण का उपयोग कब-कब किया जाता है।

आमंत्रण का मतलब है की किसी भी आम सभा या आम मीटिंग या बड़े कार्यक्रम या ऑफिस से बुलावा या सरकारी बुलावा होता है।

निमंत्रण का मतलब होता है,किसी भी प्रकार का फनक्शन जैसे शादी का पार्टी या जन्मदिन या किसी का सालगिरह या किसी का बच्चा पैदा होने के अवसर पर या किसी भी दावत के बुलावे में होता है।  

आरम्भ या प्रारम्भ में अंतर क्या है?

आरम्भ और प्रारम्भ का मतलब भी शुरुआत होता है। लेकिन दोनों शब्द का उपयोग शुरुआत करना होता है?

आरम्भ का मतलब किसी काम को पहली बार शुरू करना यानि कोई भी काम  को पहली बार किया जा रहा है।

प्रारम्भ का मतलब है रुके हुए काम को दुबारा शुरू करना जैसे आपने पहली बार मकान बनाना चालु किया और कुछ दिन काम बंद ओर फिर से मकान मे शुरू करना हो तो  प्रारम्भ शब्द का प्रयोग करते है

आरम्भ का मतलब पहली बार शुरू करना और प्रारम्भ का मतलब दूसरी बार काम चालू करना

निष्कर्ष  :-ज्यादा लोगों को शेयर करे इसी तरह के जानकारी प्राप्त करने के लिए शेयर करे –

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