दर्दनाशक औषधि (Analgesics)
मानव जीवन में अनेक प्रकार के विमारियाँ है, जो विभिन्न कारणों से उत्पन्न हो सकता है जैसे – चोट, संक्रमण, सूजन या किसी आंतरिक रोग। दर्द से राहत पाने के लिए चिकित्सा विज्ञान ने अनेक प्रकार की औषधियों का उपयोग किया है जिन्हें दर्दनाशक औषधि (Analgesics) कहा जाता है। “वे रसायन जिनकी सूक्ष्म मात्रा से दर्द से निदान या निवारण होता है,दर्दनाशक कहलाता है।
दर्दनाशक औषधियों का वर्गीकरण
दर्दनाशक औषधियों मुख्यतः दो वर्गों में बाँटा गया है –
निद्राकारी दर्दनाशक (Narcotic Analgesics)
ये औषधियां अत्यधिक शक्तिशाली होती हैं और मस्तिष्क तथा रीढ़ की हड्डी के दर्द-संवेदन केंद्रों पर कार्य करती हैं।
इनका उपयोग प्रायः तीव्र (Severe) दर्द जैसे कैंसर, हड्डी टूटने, शल्यक्रिया के बाद होने वाले दर्द में किया जाता है।
सामान्य उदाहरण: मॉर्फीन (Morphine), कोडीन (Codeine),हेरोइन्स
हानियाँ: लंबे समय तक इन दवों प्रयोग से नशे की लत, श्वसन अवरोध, मानसिक निर्भरता तथा कब्ज जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
अनिद्राकारी दर्दनाशक (Non-narcotic Analgesics)
ये औषधियां अपेक्षाकृत सुरक्षित होती हैं जिनकी सूक्ष्म मात्रा से साधारण दर्द जैसे सिरदर्द, दांत दर्द, बुखार, गठिया आदि ठीक हो जाते है परन्तु दवा खाने से नींद या बेहोशी नहीं आता है।
ये औषधियां प्रायः सूजन (Inflammation) को भी कम करती हैं, इसलिए इन्हें NSAIDs (Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs) भी कहा जाता है।
सामान्य उदाहरण: एस्पिरिन (Aspirin), पेरासिटामोल (Paracetamol), इबुप्रोफेन (Ibuprofen), डाइक्लोफेनाक (Diclofenac)
हानियाँ: अधिक मात्रा में लेने पर ये पेट में अल्सर, रक्तस्राव, यकृत (Liver) या गुर्दे (Kidney) को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
दर्दनाशक औषधियों की कार्यविधि
निद्राकारी दर्दनाशक औषधियां मस्तिष्क में उपस्थित ओपिऑइड रिसेप्टर से जुड़कर दर्द का संवेदन दबा देती हैं।
अनिद्राकारी दर्दनाशक औषधियां प्रोस्टाग्लैंडिन नामक रसायनों के संश्लेषण को रोकती हैं, जो शरीर में दर्द और सूजन उत्पन्न करते हैं।
उपयोग एवं सावधानियाँ
साधारण दर्द के लिए डॉक्टर अक्सर पेरासिटामोल या इबुप्रोफेन जैसी दवाओं की सलाह देते हैं।
अधिक दर्द या शल्यक्रिया के बाद निद्राकारी दर्दनाशक औषधियों का नियंत्रित मात्रा में उपयोग किया जाता है।
स्वयं से बिना चिकित्सक परामर्श के इनका अधिक सेवन खतरनाक हो सकता है।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में विशेष सावधानी आवश्यक है।
निष्कर्ष
दर्दनाशक औषधियां आधुनिक चिकित्सा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये न केवल रोगी को असहनीय पीड़ा से राहत दिलाती हैं, बल्कि रोग-निवारण की प्रक्रिया को भी सुगम बनाती हैं। परंतु इनका उपयोग हमेशा चिकित्सक के परामर्श और उचित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक सेवन से गंभीर दुष्प्रभाव और नशे की लत जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।