द्रवस्नेही तथा द्रवविरोधी कोलाइड सॉल

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

द्रवस्नेही कोलाइड (द्रवरागी कोलाइड)

वे पदार्थ जो द्रव अर्थात परिक्षेपण माध्यम के संपर्क में आने परआसानी से कोलाइडी विलयन बना लेते हैं।उन्हें द्रवस्नेही अथवा द्रवरागी कोलाइड कहते हैं।

द्रवरागी कोलाइड विलयन प्रायः स्थायी होते हैं चूंकि इनमें परिक्षेपण माध्यम तथा परिक्षिप्त प्रावस्था के बीच आकर्षण बल आरोपित होता है।

उदाहरणगोंद, स्टार्च, प्रोटीन आदि द्रवस्नेही कोलाइड के उदाहरण हैं।

द्रवस्नेही कोलाइड उत्क्रमणीय प्रकृति के होते हैं।यह विद्युत अपघट्य के विलयनों में शीघ्र ही अवक्षेपित नहीं होते हैं।अगर यह विक्षेपित हो जाते हैं तो इन्हें पुनः किसी उचित विद्युत अपघट्य के विलयन द्वारा आसानी से कोलाइडी विलयन बना लेते हैं जिस कारण इन्हें उत्क्रमणीय कोलाइड भी कहते हैं।

द्रवविरोधी कोलाइड (द्रवविरागी कोलाइड)

परिक्षेपण माध्यम के संपर्क में आने पर आसानी से कोलाइडी विलयन नहीं बनाते हैं।उन्हें द्रवविरोधी अथवा द्रवविरागी कोलाइड कहते हैं।

द्रवविरोधी कोलाइड विलयन अस्थायी होते हैं।चूंकि इनमें परिक्षेपण माध्यम तथा परिक्षिप्त प्रावस्था के बीच आकर्षण बल लगभग नगण्य ही होता है।

उदाहरण –सल्फरसोल, सोनासोल, प्लैटिनम सोल तथा फेरिक हाइड्रोक्साइड सोल आदि द्रवविरोधी कोलाइड के उदाहरण हैं।

द्रवविरागी कोलाइड अनुत्क्रमणीय प्रकृति के होते हैं अतः यह विद्युत अपघट्य के विलयनों द्वारा शीघ्रता से अवक्षेपित हो जाते हैं।फलस्वरुप अवक्षेपित होने के बाद इन से पुनः कोलाइडी विलयन प्राप्त नहीं किया जा सकता है।जिस कारण इन्हें अनुत्क्रमणीय कोलाइड भी कहते हैं।

द्रवस्नेही तथा द्रवविरोधी कोलाइड में अंतर

  • द्रवस्नेही कोलाइड स्थायी होते हैं जबकि द्रवविरोधी कोलाइड अस्थायी होते हैं।
  • द्रवस्नेही कोलाइड उत्क्रमणीय प्रकृति के होते हैं जबकि द्रवविरोधी कोलाइड अनुत्क्रमणीय प्रकृति के होते हैं।
  • द्रवस्नेही कोलाइड जल में शीघ्र ही अवक्षेपित नहीं होते हैं।जबकि द्रवविरोधी कोलाइड जल में शीघ्रता से अवक्षेपित हो जाते हैं।
  • द्रवस्नेही कोलाइड के कणों पर आवेश की मात्रा बहुत कम या शून्य होती है।जबकि द्रवविरोधी कोलाइड के कणों पर एक निश्चित धनात्मक या ऋणात्मक आवेश होता है।
  • गोंद, स्टार्च, प्रोटीन आदि द्रवस्नेही कोलाइड के उदाहरण हैं।जबकि सल्फरसोल, सोना सोल आदि द्रवविरोधी कोलाइड के उदाहरण है।
error: Content is protected !!
Scroll to Top