इलेक्ट्रॉन क्या है और इसकी खोज किसने किया था?

इलेक्ट्रॉन क्या है और इसकी खोज किसने किया था? What is Electron?

इलेक्ट्रॉन की खोज किसने किया और इलेक्ट्रॉन क्या है? इसे कौन से प्रयोग से खोजा गया था तथा इलेक्ट्रॉनिकविन्यास किसे कहते हैं, परमाणु के धन आवेशित भाग क्या कहलाता हैं? जैसे कई महत्वपूर्ण प्रश्नों को जानने के लिए हमारे इस आर्टिकल को ध्यान पूर्वक पढ़ाते रहें ताकि आपको इलेक्ट्रॉन से संबंधित हर संभव जानकारी मिल सके।

इलेक्ट्रॉन क्या है? What is Electron?

इलेक्ट्रॉन पर ऋण आवेशित वैद्युत आवेश वाला कण होता है जो परमाणु के अंदर पाया जाता है। यह परमाणु के नाभिक के चारों ओर लगातार चक्कर लगाते रहते हैं।

इलेक्ट्रान की खोज किसने की थी?

सर्वप्रथम इलेक्ट्रॉन की खोज करने वाले वैज्ञानिक जे जे थॉमसन ने किया गया। और थॉमसन अपने प्रयोग में सफल भी हुए इसलिए थॉमसन को इलेक्ट्रॉन की खोजकर्ता के नाम से जाना जाता है। इलेक्ट्रॉन की खोज लगभग 126 साल पहले हुई थी। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान बहुत ही कम होता है। अर्थात इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 1031  की घात किलोग्राम होता है। इलेक्ट्रॉन को हमलोग e- से दर्शाते हैं। किसी परमाणु में पाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या उस परमाणु में उपस्थित प्रोटोनों की संख्या के बराबर होती है जिस कारण कोई भी परमाणु उदासीन होता है। इलेक्ट्रॉन पर आवेश -1.6×10-19 होता है।

इलेक्ट्रॉन की खोज के लिए प्रयोग – Experiment for the discovery of electron

जे जे थॉमसन नामक वैज्ञानिक ने सन 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज किया था। जे.जे थॉमसन पहले महान वैज्ञानिक थे जिन्होंने इलेक्ट्रॉन के बारे में दुनिया को बतलाया दिया।थॉमसन, ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की कंडेविस लैब में सन 1897 में इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज पर प्रयोग कर रहे थे। उन्होंने पाया कि कम दाम होने पर जब गैस पर उच्च वोल्टता लगाइ जाती है तो एक बहुत ही अधिक चमकीली चमक उत्पन्न हुई है। इस चमक का कारण उनके द्वारा बताया गया कि यह कैथोड से निकलने वाले कुछ कण होते हैं जो चमक पैदा होता हैं।

वैज्ञानिक थॉमसन ने एक कांच की ट्यूब ली और इसमें से वायु को निकाल दिया। अर्थात इस कांच की ट्यूब में उन्होंने निर्वात उत्पन्न कर दिया। इसके बाद उन्होंने कांच की ट्यूब के दोनों तरफ इलेक्ट्रोड लगा और इसे उच्च वोल्टता के स्रोत से जोड़ दिया ।कैथोड का मतलब ऋण।त्मक और एनोड का मतलब धनात्मक होता है। अर्थात यह ऋण आवेशित इलेक्ट्रोड से धन आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर जा रहा था। इन कणों पर ऋण-आवेश पाया जाता है इसलिए यह धनात्मक इलेक्ट्रोड की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अंततः इन ऋण आवेशित कणों को ही वैज्ञानिक थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन कहा जाता है। थॉमसन के इसे प्रयोग को कैथोड किरण ट्यूब प्रयोग या CBT कहते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किसे कहते हैं? What is electronic configuration?

किसी तत्व में परमाणु  के अंदर इलेक्ट्रॉनों को कक्षकों में बाँटवारे को इलेक्ट्रॉन विन्यास कहलाता हैं। इलेक्ट्रॉनों को कक्षकों के अंदर ऊर्जा के बढ़ते क्रम में भरा जाता है।

इलेक्ट्रॉन के बारे में अन्य जानकारी

यह परमाणु का सबसे मूलभूत कण है। इसमें गुरुत्वाकर्षण और विद्युत चुंबकीय बल भी कार्य करते हैं जिसका मान बहुत ही कम होता है। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.109 × 10-31 kg होता है

इलेक्ट्रॉन कण पर आवेश का मान 1.6 × 10-19 coulomb होता है। इलेक्ट्रॉन कण और तरंग दोनों की तरह अपना व्यवहार करता है। जब बीटा क्षय होता है।

बहुत सी भौतिक घटना है जैसे कि चुंबकत्व, ऊष्मा की चालकता, विद्युत का प्रवाह आदि में इलेक्ट्रॉन की अहम भूमिका होती है। जब इलेक्ट्रॉन गति करता है तब यह फोटोन के रूप में या तो ऊर्जा को अवशोषित करता है, या फिर ऊर्जा को उत्सर्जित करता है। परमाणु के अंदर इलेक्ट्रॉन, नाभिक के साथ मजबूत coulomb Force से बंधे होते है। जब कोई दो रसायनिक पदार्थ आपस में मिलकर अभिक्रिया करते हैं, तो इलेक्ट्रॉन के आदान प्रदान से ही रसायनिक बंधो का निर्माण होता है। किसी रासायनिक पदार्थ का रंग उसमें उपस्थित अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों के कारण ही बंधन बनता है।

इलेक्ट्रॉन के बाद अन्य कणों की खोज किसनें किया

इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद कुछ अलग-अलग वैज्ञानिक जैसे कि रदरफोर्ड ने यह सोचा कि जब इलेक्ट्रॉन परमाणु के अंदर एक आवेशित कण है तो जरूर परमाणु में कोई धनावेशित कण उपस्थित होगा। जिसके कारण परमाणु उदासीन अवस्था में रहता है। इसलिए रदरफोर्ड ने अल्फा कण प्रकीर्णन का प्रयोग किया। जिनमें इन्होंने सोने की पतली परत पर अल्फा कणों की प्रवाहित  कराई। इनके प्रयोग में लगभग 8000 अल्फा कणों में से एक अल्फा कण ऐसा भी था जो घूमकर वापस आ गया।

वापस आने का कारण यही था कि परमाणु के मध्य में कोई जरूर धन आवेश भाग होता है। जिससे टकराकर यह अल्फा कण पुनः अपने मार्ग में वापस। इस प्रयोग में यह भी ज्ञात हुआ कि नाभिक का आकार परमाणु के आकार से बहुत ही छोटा अर्थात करीब एक लाख गुना छोटा होता है। परमाणु का समस्त द्रव्यमान  उसके नाभिक में उपस्थित रहता है। नाभिक के चारो और खाली कक्ष उपस्थित होते हैं जिनमें इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते हैं। नाभिक में जो धन आवेशित कण उपस्थित हैं उसे प्रोटोन कहा जाता है। इसके अलावा नाभिक में न्यूट्रॉन कण भी उपस्थित होते हैं न्यूट्रॉन हमेशा उदासीन होते हैं।

निष्कर्ष

आज हम इस लेख के माध्यम से हमने इलेक्ट्रॉन के बारे मे बताया। जिसमें इलेक्ट्रॉन की उदासीनता, इलेक्ट्रॉन विन्यास आदि के बारे मे बतलाया। इस लेख से जुड़ा कोई प्रश्न जरूर पूछें ताकि हम आपको हम आपका आसानी से जबाब दे सकें।

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