मोलरता तथा मोललता के बीच अंतर बिस्तार से जानें
रसायन विज्ञान में किसी भी विलयन (Solution) की सांद्रता को व्यक्त करने की अलग-अलग तरीके हैं। इनमें सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली सांद्रण पद, मोलरता (Molarity) और मोललता (Molality)। ये दोनों ही विलेय (solute) के मोल पर निर्भर करते हैं, लेकिन उनका आधार अलग-अलग होता है।
मोलरता (Molarity)[ M]
मोलरता को परिभाषित इस प्रकार किया जाता है –
किसी विलयन के 1 लीटर या 1000 ml में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या।
M = विलेय के मोल की संख्या /विलयन का आयतन (लीटर में)
यह तापमान पर निर्भर करती है क्योंकि तापमान बदलने पर विलयन का आयतन बदल जाता है।
मोलरता का इकाई: mol/L
उदाहरण: 2 M NaOH का अर्थ है 1 लीटर विलयन में 2 मोल NaOH घुला है।
मोललता (Molality)[ m]
मोललता को परिभाषित इस प्रकार किया जाता है –
किसी विलायक (solvent) के 1 किलोग्राम या 1000 ग्राम में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या,मोललता कहलाता है।
m = विलेय के मोल की संख्या / विलायक का भार (किग्रा में)
यह तापमान से स्वतंत्र रहती है क्योंकि भार स्थिर होता है।
मोलालता की इकाई: mol/kg या m।
उदाहरण: 2 m NaCl का अर्थ है 1 किग्रा जल में 2 मोल NaCl घुला है।
मोलरता तथा मोललता मुख्य अंतर
विशेषता | मोलरता (M) | मोललता (m) |
आधार | विलयन का आयतन | विलायक का भार |
तापमान पर निर्भरता है या न | हाँ | नहीं |
सांद्रण पद की इकाई | mol/L | mol/kg |
प्रयोग | सामाँन्य प्रयोगशाला में | कोलिगेटिव गुणों की गणना में |
निष्कर्ष
मोलरता प्रयोगशाला और व्यावहारिक कार्यों में अधिक सुविधाजनक है, जबकि मोललता तापमान-स्वतंत्र होने के कारण सैद्धांतिक और शोध कार्यों में अधिक उपयुक्त मानी जाती है।