हेलों मेरे प्यारे बच्चों स्वागत है आपका हमारी अरविन्द सर पटना की वेबसाइट पर। आज के इस आर्टिकल में हम आपको रेडियोसक्रिय पदार्थ क्या है? रेडियोसक्रिय पदार्थ की परिभाषा क्या होती है? इसके बारे में बताएँगे। इसके साथ साथ हम आपको रेडियोसक्रिय पदार्थ की खोज किसने की, रेडियोसक्रिय पदार्थ के उदाहरण क्या-क्या होते हैं तथा रेडियोसक्रिय पदार्थ के उपयोग क्या-क्या होते हैं इसके वारे में विस्तार के साथ जानेंगे। रेडियोसक्रिय पदार्थ एक बहुत ही महत्वपूर्ण चैप्टर है। जिसके बारे में प्रत्येक छात्र/छात्रा को पता होना अनिवार्य है यह चैप्टर केमिस्ट्री के छात्र/छात्रा को स्कूल, कॉलेज में पढ़ाया जाता है।सम्बंधित प्रश्न परीक्षाओं में पूछ लिए जाते हैं इसलिए इस चैप्टर को ध्यान से अंत तक जरूर पढ़ें।
रेडियोसक्रिय पदार्थ की परिभाषा अथवा रेडियोसक्रिय पदार्थ क्या है?
जब किसी पदार्थ से स्वतः(अपने आप से) अदृश्य किरने निकलती हैं तो उन पदार्थों को रेडियोसक्रिय पदार्थ कहते हैं। किसी पदार्थ से इस प्रकार की स्वतः ही अदृश्य किरणों के निकलने की घटना रेडियोसक्रियता कहलाती है तथा इस घटना को रेडियोधर्मिता भी कहते हैं। रेडियोसक्रिय पदार्थ से निकलने वाली अदृश्य किरणों को रेडियोसक्रिय किरणे कहते हैं। इसका उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है। अथवा कुछ तत्व के परमाणु स्वतः ही अपघटित होते हैं इस क्रिया में नाभिक के कुछ विकिरण उत्सर्जित होते हैं जिससे परमाणु संख्या, परमाणु द्रव्यमान बदल जाते हैं इस क्रिया को रेडियोसक्रिय विघटन और पदार्थ के इस गुण को रेडियोसक्रिय कहते हैं तथा इन पदार्थो को रेडियोसक्रिय पदार्थ कहते हैं। रेडियोसक्रिय पदार्थ से तीन प्रकार के विकिरण निकलते हैं अल्फ़ा बीटा और गामा । आजकल समस्थानिको का प्रयोग करके रेडियोसक्रिय तत्व बनाते हैं
रेडियोसक्रिय पदार्थ एक अतिसक्रिय पदार्थ होता है जिसे माइनिको से प्राप्त किया जाता है यह माइनिक भारत के और विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में पाई जाती हैं यह अतिसक्रिय पदार्थ होता है जो लगातार विकिरण छोड़ता रहता है। यदि इस विकिरण के संपर्क में कोई प्राणी आ जाता है तो गंभीर रोगों से ग्रस्त हो जाता है या फिर मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। यह पदार्थ लगातार गंभीर विकिरण छोड़ते रहते हैं जिस कारण इनका प्रयोग बड़ी सावधानी से किया जाता है। रेडियोसक्रिय पदार्थ दो प्रकार की अभिक्रिया करते हैं इनमे एक नाभिकीय विखंडन है और दूसरी नाभिकीय संलयन है। नाभिकीय विखंडन में एक नाभिक दो हलके नाभिकों में टूट जाता है जबकि नाभिकीय संलयन में दो हलके नाभिक एक भारी नाभिक का निर्माण करते हैं। आजकल हम विद्युत के क्षेत्र में, ओद्योगिक क्षेत्र में में तथा चिकित्सा के क्षेत्र में इसका उपयोग करते हैं।
रेडियोसक्रिय पदार्थ की खोज किसने की
फ़्रांस के वैज्ञानिक ए. एच. बैकेरल ने 1896 ई० में यह देखा की यूरेनियम पोटेशियम सल्फेट के कुछ टुकड़ों पर दृश प्रकाश डालने के बाद उन्होंने काले कागज में लपेट दिया तथा इस पैकेट, फोटोग्राफिक प्लेट के बीच एक टुकड़ा रखा यह टुकड़ा चांदी का था तथा इसको कई घंटो तक रखने के बाद फोटोग्राफिक प्लेट को विकाशित किया तो वैज्ञानिक बैकेरल ने यह निष्कर्ष निकला की यूरेनियम लवण से एक नये प्रकार की विकिरण उत्पन्न होती है इस विकिरण को वैकेरल किरणे कहा गया तथा विकिरण की इस परिघटना को रेडियोसक्रियता नाम दिया गया। इस परिघटना को प्रदर्शित करने वाले पदार्थ को रेडियोसक्रिय पदार्थ कहा गया।
यूरेनियम में रेडियोसक्रियता की खोज के बाद मेडम मारी क्युरी ने व्यापक अध्यन पर आधारित अपने पति पियरे क्युरी के साथ मिलकर यूरेनियम अयस्क से एक कठिन परिश्रम द्वारा एक नया तत्व प्रस्तुत किया जिसे रेडियम के नाम से जाना जाता है इस तत्व में यूरेनियम की अपेक्षा लगभग 10 लाख गुना अधिक रेडियोसक्रियता होती है। इस तत्व की खोज के लिए क्युरी दंपति को नोबेल पुरुष्कार से सम्मानित किया गया मैडम क्युरी द्वारा एक और रेडियोसक्रिय पदार्थ के खोज की गयी जिसे पोलोनियम नाम से जाना जाता है।
रेडियोसक्रिय पदार्थ के उदाहरण
आपने ऊपर के आर्टिकल में रेडियोसक्रिय पदार्थ के बारे में जाना है अब हम आपको रेडियोसक्रिय पदार्थ के उदाहरण के बारे में जानते हैं। रेडियोसक्रिय पदार्थ के उदाहरण निम्नलिखित हैं। जैसे- यूरेनियम, थोरीयम(Th),पोलोनियम(Po),रेडियम…
रेडियोसक्रिय पदार्थ के उपयोग क्या होता है?
रेडियोसक्रिय पदार्थ के हमारे दैनिक जीवन में अनेक उपयोग होते हैं जो निम्नलिखित हैं।
- रेडियोसक्रिय पदार्थ का उपयोग चिकित्सा के क्षेत्र में किया जाता है। चिकित्सा के क्षेत्र में तो रेडियोसक्रिय पदार्थ ने क्रांति ही ला दी है सिटीस्कैन, एक्स रे आदि में इसका उपयोग किया जाता है।
- कृषि के क्षेत्र में फसलो फलो सब्जियों के भंडारण से पहले उनपर विकिरणों का प्रयोग कर उन्हें क्षति से बचाया जा सकता है।
- रेडियोसक्रिय पदार्थ का उपयोग भूगर्भ विज्ञान में, पुराने जीवाश्म के आयु के निर्धारण में किया जाता है।
- रेडियोसक्रिय पदार्थ का उपयोग उद्योगों में भारी और बड़ी मशीनों की आपूर्ति को पहचानने में किया जाता है।
निष्कर्ष
आज के इस आर्टिकल में हमने आपको आपको रेडियोसक्रिय पदार्थ क्या है? रेडियोसक्रिय पदार्थ की परिभाषा क्या होती है? इसके बारे में बताया है इसके साथ साथ हम आपको रेडियोसक्रिय पदार्थ की खोज किसने की तथा रेडियोसक्रिय पदार्थ के उपयोग क्या क्या होते हैं इसके वारे में विस्तार के साथ बताया है। रेडियोसक्रिय पदार्थ एक बहुत ही महत्वपूर्ण चैप्टर है। जिसके बारे में प्रत्येक छात्र/छात्रा को पता होना अनिवार्य है यह चैप्टर केमिस्ट्री के छात्र/छात्रा को स्कूल, कॉलेज में पढ़ाया जाता है तथा इस चैप्टर से सम्बंधित प्रश्न परीक्षाओं में पूछ लिए जाते हैं। हम आपनी इस वेबसाइट पर केमिस्ट्री विषय से सम्बंधित चैप्टर की जानकारी देते रहते हैं। इसी प्रकार के नये नये आर्टिकल की जानकारी पाने के लिए जुड़े रहिए हमारी arvindsirpatna.com की वेबसाइट के साथ तब तक के लिए धन्यवाद।